मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस
आरक्षण आंदोलनकारी मनोज जरांगे पाटिल द्वारा सामने लाई गई 500 करोड़ रुपये की ऑडियो क्लिप मामले में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की गहन जांच के लिए मुंबई पुलिस आयुक्त को विशेष जांच दल (SIT) गठित करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद अपर पुलिस आयुक्त शैलेश बलकवडे की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय SIT के गठन की आधिकारिक घोषणा की गई है।
इस ऑडियो क्लिप में सनसनीखेज दावा किया गया था कि सांसद श्रीकांत शिंदे के माध्यम से मनोज जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए गए थे। मनोज जरांगे ने सरकार से मांग की थी कि इस ऑडियो क्लिप की निष्पक्ष जांच कर इसके पीछे के सूत्रधारों को सामने लाया जाए।
SIT के गठन के बाद मनोज जरांगे पाटिल ने एक बार फिर राज्य सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मुख्यमंत्री को नसीहत देते हुए कहा, “सिर्फ एसआईटी गठित करके चालाकी के खेल मत खेलिए, बल्कि जांच की तह तक जाना जरूरी है।”
उन्होंने दोहराया कि यह ऑडियो क्लिप एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) से तैयार नहीं की गई है, बल्कि 100 प्रतिशत असली है। उनका दावा है कि इतनी लंबी ऑडियो क्लिप एआई के माध्यम से बनाई ही नहीं जा सकती।
मनोज जरांगे ने आगे कहा, “यह क्लिप पूरे देश में वायरल हो रही है। इसमें व्यक्त किए गए विचार बेहद जहरीले हैं। इस साजिश को नाकाम करना जरूरी है। SIT प्रमुख शैलेश बलकवडे जालना के एसपी रह चुके हैं। भले ही वे देवेंद्र फडणवीस के करीबी हों, लेकिन उन्हें निष्पक्ष होकर काम करना चाहिए।”
इसके साथ ही मनोज जरांगे ने कहा, “क्या यह एकनाथ शिंदे का राजनीतिक करियर बर्बाद करने की कोशिश थी? एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस के बीच काफी अंदरूनी नाराजगी है। अगर इस मामले की गहराई से जांच हुई, तो यह भी सामने आएगा कि देवेंद्र फडणवीस को भी राजनीतिक रूप से नुकसान पहुंचाने की योजना थी।”
दूसरी ओर, 500 करोड़ रुपये की इस ऑडियो क्लिप को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए हैं। शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसद संजय राउत ने इस मामले की प्रवर्तन
निदेशालय (ED) या किसी बड़ी केंद्रीय जांच एजेंसी से जांच कराने की मांग करते हुए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है। वहीं, भाजपा ने पलटवार करते हुए दावा किया है कि यह ऑडियो क्लिप पूरी तरह एआई से तैयार की गई है। पार्टी ने संजय राउत से ही गहन पूछताछ किए जाने की मांग की है।
